हिन्दी की दशा

अभी पिछले सप्ताह मैं 3-4 हिन्दी magazines खरीद कर लाया। इच्छा थी कि कुछ हिन्दी में पढ़ूँ, और जानूँ कि हिन्दी में क्या लिखा जा रहा है। बीच बीच में मुझे ये बुखार चढ़ जाता है। खैर, magazines थीं ये: पाखी, कथादेश, हंस, और "आहा! जिंदगी।" पढ्न शुरू किया दो-तीन दिन की सुस्ती के बाद। …

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स्वर गान

अ से अनार, आ से आम, अपना तो है पढ़ना काम। छोटी इ से इमली, बड़ी ई से ईख, मुन्ने राजा कुछ तो सीख। छोटा उ से उल्लू, बड़ा ऊ से ऊन, दिन में सूरज, रात में मून। ए से एड़ी, ऐ से ऐनक, ओ से ओखली, औ से औरत। अं से अंगूर, अः से …

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